उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों को 15 दिन के अंदर सभी प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने का निर्देश दिया है। अदालत ने मजदूरों के पुनर्वास के लिए उनके कौशल का विवरण तैयार करने के बाद रोजगार उपलब्ध कराने की योजनाएं बनाने का भी निर्देश दिया है। 

 

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, संजय किशन कौल और एम आर शाह की पीठ ने केंद्र को यह निर्देश भी दिया कि मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने के लिए राज्यों की मांग के अनुरूप 24 घंटे के अंदर अतिरिक्त रेलगाडि़यां उपलब्ध कराई जाएं। अदालत ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के मामले में मजदूरों पर दर्ज सभी मुकद्दमें वापस लेने पर विचार करने का भी निर्देश दिया। 
 
पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मजदूरों की पहचान और पंजीकरण किया जाए जो अपने गृह राज्य जाना चाहते हैं। परिवहन की व्यवस्था सहित यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकारियों को मंगलवार से पन्द्रह दिन का समय दिया गया। न्यायालय अब जुलाई में इस मामले की सुनवाई करेगा। अदालत ने कहा है कि मजदूरों के कल्याण और रोजगार की योजनाओं का पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मद्देनजर मजदूरों की दुर्दशा का स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत ने 5 जून को आदेश सुरक्षित रखा था।