अनलॉक 1.0 की गाइडलाइंस के तहत शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टूरेंट और धार्मिक स्थल खुलेंगे। किसी तरह का प्रसाद वितरित करने और पवित्र जल का छिड़काव करने की छूट नहीं दी जाएगी। कोरोना के खतरे को देखते हुए गोवा और भोपाल में धार्मित स्थल बंद रहेंगे।

कोरोना महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के दौरान करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार को अनलॉक 1.0 की गाइडलाइंस के तहत एकबार फिर से धार्मिक स्थलों के दरवाजे खुल जाएंगे। हालांकि एक साथ पांच से अधिक लोगों के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों के अलावा मॉल, होटल, रेस्टूरेंट, ब्यूटी पॉलर्र व सैलून को भी खोलने की अनुमति दे दी गई है। 

देशभर में 25 मई से लॉकडाउन के साथ ही मंदिर-मस्जिद, गुरुद्वारा-चर्च के साथ ही मॉल, होटल आदि सब बंद हो गए थे। लोग घरों में रहकर लॉकडाउन का पालन कर रहे थे। हालांकि एक जून से अनलॉक वन की शुरुआत से जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। धार्मिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंस का पालन और प्रबंधन समिति को निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही मॉल, होटल व रेस्टूरेंट में भी गतिविधियां बढ़ जाएगी।

हालांकि इन स्थानों पर भी सोशल डिस्टेंस के साथ ही गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका पालन कराने की संचालक को जिम्मेदारी होगी। साथ ही स्थल व सामानों को बीच-बीच में साफ सफाई व सेनेटाइज करना होगा। धार्मिक स्थलों पर दर्शन पूजन करने के लिए एक साथ पांच से अधिक के अंदर जाने पर पाबंदी रहेगी। इसके साथ ही किसी तरह का प्रसाद वितरित करने और पवित्र जल का छिड़काव करने की छूट नहीं दी जाएगी।

मूर्तियां व धार्मिक ग्रंथ को किसी भी श्रद्धालुओं को छूने की छूट नहीं रहेगी। पुजारी व श्रद्धालु एक-दूसरे से दूरी बनाए रखेंगे। धार्मिक स्थल पर दर्शन-पूजन के लिए लगी लाइन में कम से कम छह फीट की शारीरिक दूरी अनिवार्य होगा। सभी के चेहरे पर फेश कवर अथवा मास्क होना जरूरी होगा। धार्मिक स्थल के प्रबंधन समिति की ओर से लाउड स्पीकर से बीच-बीच में सोशल डिस्टेंस व अन्य गाइड लाइन का पालन करने की सूचना प्रसारित करनी होगी।

मॉल, होटल व रेस्टूरेंट में लेन-देन में डिजिटल पेमेंट की स्वीकार होगा। ग्राहकों से कैश लेने से दूरी बनाने का निर्देश देने के साथ ही ग्राहकों को डिजिटल मेन्यू ही दिया जाएगा। रेस्टूरेंट व मॉल के फूड प्लाजा में निर्धारित क्षमता से 50 फीसदी की कुर्सी-टेबल पर ग्राहकों को बैठने की व्यवस्था होगी।

हर बार ग्राहक के जाने के बाद कुर्सी-टेबल को सेनेटाइज करना अनिवार्य होगा। जिले के होटल में ठहरने वाले लोगों की रिसेप्शन पर पहचान पत्र के अलावा कोरोना संक्रमण नहीं होने का स्वयं घोषणा पत्र देना होगा। होटल के कमरे में ठहरे लोगों को खाना व नाश्ता पहुंचाने की सुविधा दी जाए।