दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल अनिल बैजल ने राष्‍ट्रीय राजधानी में कंटेनमेंट जोन प्रबंधन के लिए रणनीतियों पर चर्चा की। इस दौरान दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविन्‍द केजरीवाल, मुख्‍य सचिव, दिल्‍ली पुलिस आयुक्‍त, गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि, जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्‍त और अन्‍य अधिकारी मौजूद थे।

 

उपराज्‍यपाल ने अधिकारियों को केन्‍द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावी प्रबंधन के लिए उच्‍च जोखिम वाली जनसंख्‍या पर विशेष ध्‍यान देने का सुझाव दिया। उन्‍होंने कंटेनमेंट जोन की समुचित पहचान, कड़े नियंत्रण, आईईसी की प्रक्रिया तेज करने और घर-घर सक्रिय निगरानी का भी परामर्श दिया। उपराज्‍यपाल ने जिलाधिकारियों और पुलिस उपायुक्‍तों को कंटेनमेंट जोन के प्रबंधन तथा निवारक उपायों को लागू करने के लिए रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन-आरडब्‍ल्‍यूए, बाजार व्‍यापार संघों और स्‍वयंसेवकों के रचनात्‍मक सहयोग से काम करने का भी सुझाव दिया।

बैठक के दौरान बढ़ती जरूरत के लिए दिल्‍ली में बिस्‍तरों की उपलब्‍धता बढ़ाने की स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की रण‍नीतियों पर भी चर्चा हुई। उपराज्‍यपाल ने बिस्‍तरों की उपलब्‍धता और शुल्‍क के बारे में सूचना प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। जरूरतमंदों को चिकित्‍सा देखभाल उपलब्‍ध कराने पर भी बल दिया गया। श्री बैजल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की कड़ी तोड़ना और मृत्‍युदर कम करना मुख्‍य उद्देश्‍य है। उन्‍होंने कहा कि महामारी से निपटने के लिए बिस्‍तरों की क्षमता और चिकित्‍सा संसाधन बढ़ाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि मरीजों की संख्‍या बढ़ने पर स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली पर दबाव न बने।