दिल्ली सरकार ने 10-49 बिस्तर की क्षमता वाले सभी छोटे एवं मध्यम मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम को "कोविड-19 नर्सिंग" होम घोषित कर दिया है।

 

सरकार ने  कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या में वृद्धि करने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। आदेश के मुताबिक, केवल विशेष तौर पर आंख, कान एवं गले का इलाज करने वाले केंद्रों, डायलिसिस केंद्रों, प्रसव गृहों और आईवीएफ केंद्रों को इससे छूट दी गई है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अनुमान के मुताबिक, शहर में लगभग 700 नर्सिंग होम हैं, जिनमें से अधिकांश में लगभग 20 बेड हैं।

आदेश का उल्लंघन करने वाले नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक 30 जून तक दिल्ली को 15,000 से अधिक कोरोना प्रभावित लोगों के लिए बेड की आवश्यकता होगी और जुलाई के पहले पखवाड़े के अंत तक 33,000 से अधिक COVID बेड की आवश्यकता होगी।