भारत ने कहा है कि टिकाऊ विश्व व्यवस्था कायम करने का एकमात्र तरीका यही है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाए, सहयोगी देशों के वैध हितों का ध्यान रखा जाए और एक दूसरे के साझा हितों को बढ़ावा दिया जाए।

 

आज रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के त्रिपक्षीय वर्चुअल सम्मेलन में अपने प्रारंभिक भाषण में विदेश मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस विशेष सम्मेलन से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्र में समय की कसौटी पर खरे उतरे हमारे सिद्धांतों की फिर से पुष्टि होती है। विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया के प्रमुख देशों को समूचे विश्व के लिए मिसाल पेश करनी चाहिए। श्री जयशंकर ने कहा कि रूस, भारत और चीन विश्व की कार्यसूची के निर्धारण में सक्रिय रूप से भागीदार रहे हैं और भारत को आशा है कि बहुपक्षवाद की नई अवधारणा को लेकर भी तीनों देशों में आम राय बनेगी।