गलवान घाटी में चीन के साथ संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। इसके बाद से देश में चीनी सामान के बहिष्कार का माहौल देखा जा रहा है। जिसे लेकर अब एलएंडटी ने चीन से आयात पर निर्भरता कम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

 

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने मंगलवार को कहा कि वह चीन से आयातित सामान पर अपनी निर्भरता कम करने को प्रतिबद्ध है। साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप घरेलू उद्योग के लिए वह खुद को आत्मनिर्भर बनाएगी। पिछले हफ्ते गलवान घाटी में चीन के साथ संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। इसके बाद से देश में चीनी सामान के बहिष्कार का माहौल देखा जा रहा है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘एलएंडटी भारत की एक प्रमुख इंजीनियरिंग, निर्माण, प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवा कंपनी है। समूह घरेलू उद्योग के लिए ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उपयोग करते हुए खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ कंपनी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी, सबसे वृहद और सबसे लंबी परियोजनाओं को पूरा करने में आगे रहने पर उसे खुशी है। यह सभी भारत में विकसित हुई हैं।

एलएंडटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक एस. एन. सुब्रहमण्यम ने कहा, ‘‘सीमा पर हमारे सैनिकों के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। देश भर में इसे लेकर भावनाएं उच्च स्तर पर हैं। आठ दशकों से देश के निर्माण में लगी कंपनी होने के नाते हम ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से घरेलू स्तर पर ही विश्व के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद बनाने की नीति के साथ मजबूती से खड़े हैं।’’ उन्होंने कहा कि अभी इसके लिए सही माहौल है और हम इसे आगे बढ़एंगे। हम सरकार की पहल का समर्थन करते हैं और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।