प्रधानमंत्री ने आज एक अनूठी पहल-आत्मनिर्भर उत्तरप्रदेश रोजगार योजना का, वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शुभारंभ करते हुए कहा कि इस अभियान से उत्तरप्रदेश को बहुत फायदा होगा। आत्मनिर्भर उत्तरप्रदेश रोजगार योजना, उन विस्थापित श्रमिकों के लिए रोजगार सृजन के बारे में है जो हाल में अन्य राज्यों से लौटे हैं। इस अभियान के तहत राज्य में विभिन्न योजनाओं के जरिए लगभग एक करोड़ 25 लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा।

 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे से  प्रभावी रूप से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विशेषकर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर युद्ध स्तर पर कार्य कर  प्रशंसनीय योगदान दिया। यहां तक कि, योगी आदित्य नाथ  अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए और राज्य के लोगों के लिए काम करते रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने में जिस प्रकार सफलता हासिल की है वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती जब हम इसकी तुलना यूरोप के उन चार बडे़ देशों से करते हैं जिनकी जनसंख्या लगभग उत्तरप्रदेश  की आबादी के बराबर है। इन देशों में कोरोना से एक लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि उत्तरप्रदेश में यह संख्या केवल छह सौ है। पीएम मोदी ने कहा कि यदि हम यूरोप के इन चार देशों के मौत के आंकडों से तुलना करते हैं तो पाते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 80 हजार से अधिक लोगों की जान बचाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान से कृषि क्षेत्र में लगभग 35 लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा।