केन्‍द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि राष्‍ट्रीय राजधानी में कोविड-19 का सामुदायिक संक्रमण नहीं है। गृहमंत्री ने आज एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्‍कार में कहा कि उन्‍होंने इस संबंध में तीन वरिष्‍ठ चिकित्‍सकों के साथ सलाह-मशविरा किया है और उन्‍होंने इससे इनकार किया है। चिकित्‍सकों का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह स्थिति इसलिए पैदा हुई, क्‍योंकि सभी नमूनों के परीक्षण किए गए हैं। इससे पहले, तीस प्रतिशत मामले सकारात्‍मक आते थे और यह इसलिए हो रहा था कि अंतिम समय में परीक्षण किए जाते थे।

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि अब सरकार औसतन बीस हजार नमूनों का परीक्षण कर रही है। गृहमंत्री ने दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसौदिया के इस बयान से असहमति जताई कि जुलाई के अंत तक दिल्‍ली में साढे पांच लाख कोविड संक्रमण के मामले होंगे। उन्‍होंने कहा कि मनीष सिसौदिया के बयान से लोगों में डर पैदा हुआ है। गृहमंत्री अमित शाह ने भरोसा जताया कि यह स्थिति नहीं आएगी।

वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत कोरोना वायरस के खिलाफ अच्‍छे तरीके से लड़ा है और देश में संक्रमित लोगों की संख्‍या दुनिया के मुकाबले कम है। गृह मंत्री ने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने महामारी से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं।