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डीबीटी के ज़रिए 12 लाख करोड़ रु. खातों में हुए सीधे ट्रांसफ़र

jandanadhar

डीबीटी के ज़रिए 12 लाख करोड़ रु. खातों में हुए सीधे ट्रांसफ़र

केंद्र से गरीबों के लिए भेजे गए संसाधनों में भ्रष्टाचार की मार, अब बीते वक्त की बात बनती जा रही है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक मोदी सरकार की गेमचेंजर पहल DBT के जरिए अब तक 12 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीब और आम लोगों के बैंक खातों में पहुंच चुके हैं। इसमें से भी रिकॉर्ड करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि कोरोना काल में ही गरीबों के खाते में भेजे गए हैं। आम लोगों को पैसे भेजने के लिए मौजूदा कारोबारी साल में 116 करोड़ से भी ज्यादा ट्रांजैक्शन भी हुए हैं।

केंद्र से भेजा गया एक-एक पैसा अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। भ्रष्टाचार की कमर तोड़ती डीबीटी के जरिए अब तक 12 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीब और आम लोगों के बैंक खातों में पहुंच चुके हैं। पोर्टल के मुताबिक इस साल अगस्त तक 3 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि डीबीटी से आम लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।  इसमें से भी रिकॉर्ड करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि कोरोना काल में ही गरीबों के खाते में भेजे गए हैं। डीबीटी की बदौलत साल 2014 से जनवरी, 2020 तक करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये की बचत भी हुई है। जो पहले बिचौलियों या दलालों के पास पहुंच जाता था। फिलहाल केंद्र के 52 मंत्रालयों या विभागों की 381 योजनाएं डीबीटी के दायरे में है। बिचौलियों के खात्मे और भ्रष्टाचार की लीकेज बंद होने से केंद्र से चला पूरा पैसा ग़रीबों और लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। आम लोगों को पैसे भेजने के लिए मौजूदा कारोबारी साल में 116 करोड़ से भी ज्यादा ट्रांजैक्शन भी हुए हैं।

जन-धन, आधार और मोबाइल ने डीबीटी के तंत्र को ताकत दी है। डीबीटी के जरिए सब्सिडी का पैसा गलत हाथों में जाने से रुकने से ना सिर्फ एक ईमानदार व्यवस्था को प्रोत्साहन मिला है बल्कि एक पारदर्शी और गरीब हितैषी कार्य संस्कृति को भी मजबूती मिली है।

 


9/13/2020 10:33:22 AM
jandanadhar
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