भारत के कड़े और सशक्त नेतृत्व के कारण नए भारत का 'अभिनंदन' -- सौरभ कपूर

घबराने के दिन अब नहीं रहे!

किसी भी राष्ट्र की मजबूती का अंदाजा देश के नागरिक का सरकार पर कितना भरोसा है, इससे लगाया जा सकता है! और भारत की मजबूती की पुष्टि द्वारा किए गए सर्वे से होती है जिसमें भारत की सरकार लोगों द्वारा जताए भरोसे पर पूरे विश्व में तीसरे स्थान पर है।  आतंकिस्तान उर्फ पाकिस्तान के संरक्षण में जैश ए मोहम्मद आतंकवादी संगठन द्वारा पुलवामा हमले में भारत के कई सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए और लगातार पारक द्वारा सैन्य प्रतिष्ठान पर व वायु सीमा उल्लंघन की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही और आज जंग का महोल बना हुआ है परंतु ध्यान देने वाली बातें कुछ ऐसी है जिनके चलते हम भारतवासी अपने साहस

के साथ अपनी सेना, सरकार व देश के साथ खड़े रहें और हमारे कदम बिना डगमगाए, पाक द्वारा किए जा रहे हमारे साथ और एकता को तोड़ने की साजिशो के शिकार ना बने और एकता को ध्यान में रखकर अपनी सरकार का मनोबल बढ़ाएं ताकि भारत अब जिस मुंहतोड़ जवाब के रास्ते पर अग्रसर है उसे पीछे मुड़कर ना देखें क्योंकि नागरिकों का भरोसा देश का भरोसा है। आज भारत बहुत सशक्त है चाहे वह कूटनीतिक स्तर पर हो, आर्थिक स्तर पर हो या सुरक्षा पर पर हो। अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआइए की फैक्ट बुक के मुताबिक पीपीपी के आधार पर 2017 में भारत सक्ल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 9.47 लाख करोड डॉलर का था, जबकि पाकिस्तान का सिर्फ एक लाख करोड डॉलर।

 

भारत का निर्यात पाकिस्तान से 10 गुणा ज्यादा है अभी हाल ही में पाक में तेल की कमी को लेकर आपातकालीन बैठक बुलाई गई जो यह दर्शाता है कि पार्क के दांत खाने के और है दिखाने के और। आज भारत दुश्मन के दांत खट्टे करने का दम रखता है और देश के नागरिकों का आज धर्म होना चाहिए कि वह अपने देश के साथ कदम मिलाकर खड़े रहे और अपने देश में सैनिकों का उत्साह वर्धन करते रहे।

 

पाक पर अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव बनाने में भारत जोर शोर से जुड़ा हुआ है और शुरू से ही भारत में आतंकवाद के विषय में पूरे विश्व को अवगत कराया है। चीन जो पहले कहता था कि पाक के साथ बाहर परिस्थिति में खड़ा है आज भारत की कूटनीतिक कुशलता के कारण पाक के साथ सीधे रुप से नहीं खड़ा है, फ्रांस के तो पुर्ण रुप से घोषणा कर दी है कि वे भारत के साथ हर परिस्थिति में खड़ा है ,साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने भी भारत को अपना समर्थन दिया है और इजराइल और भारत के प्रगढ संबंध कई मोको पर हमने देखा है भारत की अंतर्राष्ट्रीय मजबूती अमेरिका ,फ्रांस, ब्रिटेन द्वारा मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र को ब्लैक लिस्ट में शामिल करने की मांग से स्पष्ट होती है। यह नई भारत की स्वर्णिम छवि का जीता जागता उदाहरण है और दर्शाता है कि आज विश्व पटल पर भारत की गूंज मजबूत है।

 

भारत जल थल नभ के त्रिस्तरीय कवच के साथ तैयार है जिसके तहत भारतीय तेल कंपनियों ने प्रभावी रक्षा जरूरतों की इंधन आपूर्ति के लिए 500 टैंकरो को रवाना कर दिया है। रक्षा परिषद ने रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए करीब 2700 करोड रुपए की मंजूरी दी है! साथ ही भारत की वायुसेना विश्व की चौथी बड़ी वायुसेना है जिसके पास तकरीबन 1380 लड़ाकू विमान है। साथ ही भारत की सीमा पर पार्क को सबक सिखाने के लिए भारत के पास खतरनाक करीब 5000 टैंक है जो अलग-अलग सीमाओं पर दुश्मन पर नजर लगाए हुए हैं और पहाड़ी इलाकों में अपाचे हेलीकॉप्टर थल सेना के लिए जमीनी लड़ाई में एक विश्वसनीय दोस्त है।

 

अहिंसा के मूल मंत्र को लेकर चलने वाली भूमि है, परंतु रविंदरनाथ टैगोर की बात आज ज्यादा सार्थक है क्योंकि वह कहते हैं कि जब खतरा आए तो निडरता से सामना करना बहुत महत्वपूर्ण है अर्थात भारत ने हमेशा नो (फरसट यूज़) की नीति को अपनाया है पर दुश्मन के लगातार कठोर,अमानवीय व्यवहार का सामना आज मजबूती से करना बहुत जरुरी हो गया है। इसलिए अपने अंदर डर नहीं साहस का संचार करिए ताकि घबराकर भारत की कमजोरी नहीं बल्कि भारत की ताकत बन सके और भारत के आत्मरक्षा में उठाए गए कदम को आगामी कदमों को अपने देश के हालात से जोड़कर विश्व के सामने न्यायसंगत तरीके से पेश करें।

 

लेखक - सौरभ कपूर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) पंजाब मे विभाग संगठन मंत्री है।