साइबर अपराधियों के निशाने पर पुलिसकर्मियों की फेसबुक आईडी आ चुकी है। एक दिन के भीतर साइबर अपराधियों ने एक दरोगा व सिपाही की फेसबुक आईडी हैक कर दो सौ लोगों से रुपये मांगे। गनीमत रही कि एक व्यक्ति के फोन आने के बाद दरोगा व सिपाही अलर्ट हो गए। दोनों ने फेसबुक पर ठगी के प्रयास का मेसेज डालकर सभी को आगाह किया। साइबर सेल ने दोनों मामले की जांच शुरू कर दी है।

साइबर अपराधियों ने ठगी करने के लिए अपने नए-नए जाल बिछाना शुरू कर दिए हैं। कई तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाकर रुपये भी खाते से निकाल लेते हैं। अब लोगों की फेसबुक आईडी हैक कर दोस्तों से ही रकम वसूलने का सिलसिला चल रहा है। बृहस्पतिवार को जालौन जिले के एक दरोगा विकास सिंह की आईडी हैक कर ली। हालांकि, दरोगा विकास सिंह पिछले दिनों झांसी में तैनात थे और इसके बाद उनकी पोस्टिंग जालौन जिले में हुई है। ऐसे में साइबर अपराधियों ने उनकी आईडी हैक कर झांसी के रहने वाले उनके दोस्तों से मदद के नाम पर रुपये मांगे। गनीमत रही कि एक व्यक्ति ने फोन कर बता दिया। सही पर लोगों को जानकारी देने के चलते कोई भी व्यक्ति रकम नहीं डाल सका। इसी तरह, एक सिपाही विक्रम की भी आईडी हैक कर रुपये मांगे। यहां भी जानकारी मिलने के बाद वह सतर्क हो गए।

6 मिनट में चोरी हो रहा पासवर्ड

दो माह के भीतर 35 से ज्यादा लोगों की आईडी हैक की गई। शिकायत पर पुलिस व साइबर सेल की जांच में कई परतें खुल रही हैं। पता चला है कि मोबाइल नंबर के पासवर्ड डालने वाले अकाउंट ही हैकरों के निशाने पर हैं। अपराधी सिर्फ 6 मिनट के भीतर पासवर्ड चोरी कर अकाउंट हैक कर लेते हैं। अकाउंट के अंदर जाकर फ्रेंड लिस्ट खंगालने के बाद एक-एक कर मेसेज कर रुपये मांगे जाते हैं। पड़ताल में पता चला है कि सभी हैकर ओडिशा के जिलों से ही आईडी हैक कर रहे हैं।

दस हजार से ज्यादा नहीं मांगते

फेसबुक हैकर आईडी को हैक करके उसके नाम की दूसरी आईडी बना रहे हैं। इसके बाद दोस्तों को अपने अकाउंट में एड करके रुपये की डिमांड करते हैं। हैकरों की डिमांड दो से दस हजार रुपये तक की है। जिसके चलते सामने वाला व्यक्ति पैसे देने से भी नहीं हिचकता।