मत पूछिए क्या-क्या जलालत झेलनी पड़ी। बस किसी तरह से ट्रेन बलिया तक आ गई। अब जाकर दिल को सुकून मिला। यह बात बलिया मॉडल रेलवे स्टेशन पर रविवार को दोपहर बाद दो बजे पहुंची श्रमिक स्पेशल के यात्रियों ने कही। यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुरुवार को गोवा से बलिया के लिए चली थी किंतु गलत रूट पकड़ लेने के कारण यह ट्रेन 24 घंटे भटकती रही। इस दौरान यात्रियों को भीषण गर्मी में जहां भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ी, वहीं भोजन के साथ ही पानी के लिए भी तरसना पड़ गया। ट्रेन से उतरे घोसी मऊ जनपद के निवासी संजय चौहान व अवध कुमार ने बताया कि गोवा से यह ट्रेन गुरुवार को अपने निर्धारित समय से चली थी। गोवा से चलते समय वहां पर खाना व पानी मिला था। महाराष्ट्र के भुसावल से इटारसी न जाकर हम लोगों की ट्रेन नागपुर चली गई। इसके कारण ट्रेन महाराष्ट्र के विभिन्न रूटों पर चक्कर लगाती रही। बाद में चालक को रूट की सही जानकारी होने पर ट्रेन इटारसी पहुंची। इसके बाद इस ट्रेन ने सही रूट पकड़ा। श्रमिकों ने बताया महाराष्ट्र में भोजन की बात छोडि़ए, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी तक के लिए यात्री तरसते रह गए। जबलपुर व कटनी में हम सभी को भरपेट भोजन व पानी मिला। ट्रेन के बलिया पहुंचने से पूर्व गाजीपुर में कुछ श्रमिकों ने चेलपुलिंग कर दिया। इस दौरान वहां काफी संख्या में यात्री बिना जांच कराए ही उतर कर घर चले गए। यात्रा के दौरान सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं व बच्चों को झेलनी पड़ी। पानी न मिलने से कई लोगों की तबीयत भी खराब हो गई। बता दें कि गोवा से बलिया की दूरी 2245 किमी है। कोई भी ट्रेन इस दूरी को 48 घंटे में तय कर लेती है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि गोवा से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन काफी विलंब से बलिया पहुंची है। इस मामले की जांच कराई जा रही है।