पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में सोमवार रात को हुई हिंसक झड़प के बाद भारतीय सैनिकों के लापता होने की रिपोर्ट का भारत ने खारिज किया है। भारतीय सेना ने कहा है कि गलवन घाटी में भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प में भारतीय सेना का कोई भी जवान लापता नहीं है। 17 जून को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में इन चाइना- इंडिया क्लैश, टू नेशनलिस्ट लीडर विद लिटिल रूम टू गिव के लेख में गलवन घाटी में भारतीय सैनिकों के लापता होने का जिक्र था, जिसे भारत ने खंडन किया है। सोमवार रात को हुई इस घटना में भारतीय सेना के 20 सैन्य कर्मी शहीद हुए हैं। 4 भारतीय सैनिक अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं। जवाबी हमले में चीन के भी 43 सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की खबर है। अभी चीन के सूत्रों ने यह स्‍पष्‍ट नहीं किया है। 

गलवन घाटी में चीनी सैनिकों की सहमति के मुद्दे से पलटने के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच छह से सात घंटे तक पत्थरबाजी और लाठी-डंडे से जबरदस्त झड़प हुई। शहीद और घायल हुए सैनिक बिहारी रेंजीमेंट के हैं। तेलंगाना निवासी शहीद कर्नल संतोष बाबू भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे। चीन ने अपने मारे गए सैनिकों की संख्या को लेकर अब भी चुप्पी साध रखी है। वहीं अपने हताहत सैनिकों को ले जाने के लिए चीन के के हेलीकॉप्टर एलएसी पर मंडराते रहे।