सर्द रात में ठंड से ठिठुरते लोगों को कंबल का सहारा मिल जाए तो अहसास किसी जन्नत सा ही होता है। लेकिन यहां बात उन लोगों की हो रही है जिनके पास आशियाने के नाम पर आसमान की खुली छत और बिछौने के लिए फुटपाथ है। बेघर और बेबस इन लोगों की सुध जेपी इमीग्रेशन के कर्मचारियों  ने ली।

 जालंधर शहर के बस अड्डे और फ्लाईओवरों के नीचे लेटे हुए जरूरतमंदों लोगों को कंबल दिए गए। कंबल पाकर तमाम जरूरतमंदों के चेहरे खिले दिखे। इस कार्यक्रम में जेपी इमीग्रेशन के प्रमुख जतिंदर चीमा, सरप्रीत कौर और  रवि कुमार उपस्थित रहे|