पंजाब के दो पुलिस अधिकारियों थाना लाबड़ा के एसएचओ पुष्प बाली और थाना चार में तैनात एएसआई सुरिंदर पाल  को लाइफ सेविंग अर्वाड से नवाजा गया

 

पंजाब पुलिस के दो जाबांज अफसरों को प्रधानमंत्री के लाइफ सेविंग अर्वाड से नवाजा गया है।  थाना लाबड़ा के एसएचओ पुष्प बाली और थाना चार में तैनात एएसआई सुरिंदर पाल  को प्रधानमंत्री लाइफ सेविंग अर्वाड देकर सम्मानित किया गया है। लखनऊ में आयोजित सम्मानित समारोह में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ द्वारा  प्रधानमंत्री लाइफ सेविंग अर्वाड देकर सम्मानित किया गया।   थाना लाबंड़ा के एसएचओ पुष्प बाली भी जाबांज पुलिस अधिकारी है। पुष्प बाली को यह अर्वाड दूसरी बार मिला है। इससे पहले बाली को गैलेंडरी अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। 2004 में तत्कालीन राष्ट्रपति डाक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने गैलेंडरी अर्वाड और 2013 में पूर्व प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने लाइफ सेविंग अवार्ड से सम्मानित किया गया था।  पंजाब पुलिस में बतौर कास्टेबल 1989 में भर्ती हुए पुष्प बाली अपराधियों के खिलाप शुरु से ही चर्चाओं में रहे है। करतारपुर में 8 अक्तुबर 2015 को बेअदबी कांड को लेकर चल रहे धरने के दौरान सादे कपड़ों में वीडियों बना रहे सिपाही जगमोहन सिंह पर हमला कर दिया था। करतारपुर से विशेष डयूटी के दौरान अपनी जान पर खेलते हुए सिपाही की जा बचाई थी। एसएसपी ने बाली का नाम लाइफ सेविंग देने की सिफारिश की थी। सरकार ने 2017 में लाइफ सेविंग अर्वाड देने की घोषणा की थी। बाली ने 2009 में श्री देवी तालाब मंदिर में युवती द्वारा सुसाइड करने की कोशिश की गई थी। लडकी को बचाने के लिए बाली पानी में कुद गए थे। बाली ने लड़की को किसी तरह बचा लिया था,लेकिन खुद वह पानी में डुब गए गए थे। तकरीब 48 घंटे तक कोमा में रहने के बाद उन्हो होश आया था। लड़की की जान बचाने के लिए लाइफ सेविंग अर्वाड दिया गया था। यही नही बाली के कारनामों की चर्चा यही समाप्त नही होती 2003 में आर्दश नगर में एडवाकेट की 7 साल की बेटी आशना को किडनैपरों ने बंधक बना लिया था। तब हवलदार रहे पुष्प बाली ने बच्ची की जान बचाई थी। एसएसपी और बाली को गैलेंडरी अर्वाड से नवाजा गया था। 

 जून 2016 में जालंधर कैंट के सदर बाजार में कपड़े की दुकान में आग लग गई थी। सुरिंदर पाल ने अपनी जान की परवाह ने करते हुए आग की लपटों में घिरे हरभजन सिंह आग से बाहर निकाला। जबकि आग में इतना धुंआ था कि अंदर जाना  खतरे से खाली नही थी। इस जाबांज अधिकारी के सराहनीय कार्य के लिए तत्कालीन डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने सुरिंदर पाल को सम्मानित किया और सुरिंदर का नाम प्रधानमंत्री लाइफ सेविंग अर्वाड के लिए रिकमेंड किया था।