अटल जी की समाधि 'सदैव अटल' राष्ट्र को समर्पित

Tribute to Atal Bihari Vajpayee

अटल जी की समाधि 'सदैव अटल' राष्ट्र को समर्पित

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज जयंती है, अटल जी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने उनकी समाधि 'सदैव अटल' पर अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की, देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

 

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज जयंती है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल जी की समाधि - सदैव अटल आज नई दिल्ली में राष्ट्र को समर्पित की गयी। विविधता में एकता का संदेश देने वाली इस समाधि के केंद्रीय मंच में नौ चौकोर काली पॉलिश वाले ग्रेनाइट के ठोस पत्‍थर के ब्‍लॉक लगे हैं, जिसके केन्‍द्र में एक दीया रखा गया है – यह नौ की संख्‍या नवरसों,नवरात्रों और नवग्रहों का प्रतिनिधित्‍व करती है।

अटल जी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, तथा फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। एक कुशल राजनीतिज्ञ के अलावा वे हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे।

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। वह चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे, लोकसभा, निचले सदन, दस बार, और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया। साल 2009 में स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त हुए। 


Dec 25 2018 10:21PM
Tribute to Atal Bihari Vajpayee
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