कोरोना के सामुदायिक प्रसार की आशंकाओं के बीच पंजाब सरकार ने उठाया कड़ा कदम

कोरोना के सामुदायिक प्रसार की आशंकाओं के बीच पंजाब सरकार ने फिर कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सप्‍ताहांत (वीकएंड) और सार्वजनिक छुट्टियों में राज्य में सख्त लॉकडाउन करने के आदेश दे दिए हैं। इस दौरान केवल इलेक्ट्रानिक पास धारकों को ही निकलने की इजाजत होगी। मेडिकल स्टाफ, आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने वाले लोगों के अलावा सभी नागरिकों को कोवा एप से ई-पास डाउनलोड करना होगा। दिल्ली से आने वालों को कोरोना टेस्ट का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना संबंधी रिव्यू मीटिंग में ये निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया है कि इस दौरान इंडस्ट्री खुली रहेगी। उन्होंने डीजीपी दिनकर गुप्ता से कहा कि बड़ी भीड़ जमा न होने संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। ये कदम विश्व भर में कोरोना केसों में वृद्धि के कारण उठाए जाने जरूरी है। वायरस की कोई दवा या इलाज न होने की संभावना को देखते हुए सिर्फ सख्त प्रोटोकॉल महामारी के खिलाफ लड़ाई का एकमात्र रास्ता है।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि महामारी आने वाले दिनों में खतरनाक रूप धारण कर सकती है। उन्होंने मेडिकल और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से कहा कि सख्त शर्तें लागू करने और दिल्ली से आने वाले सभी लोगों के पास कोरोना टेस्ट का सर्टिफिकेट हो, यह सुनिश्चित किया जाए। डीजीपी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी से पंजाब में रोजाना 500 से 800 वाहन आते हैं।

बाहर से आने वालों का एक सप्ताह बाद टेस्ट हो
मुख्यमंत्री अमरिंदर ने कहा कि वायरस के लक्षण सामने आने में तीन-चार दिन लगते हैं। इसलिए दूसरे राज्यों से आने वालों का सप्ताह के बाद टेस्ट किया जाए। इस दौरान उनको सख्ती से होम क्वारंटाइन किया जाए। डीजीपी इसे यकीनी बनाएं। डीजीपी ने कहा कि इसके लिए 550 पुलिस टीमें काम कर रही हैैं।

अगस्त में पीक पर होगी महामारी

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अनुमानों के अनुसार राज्य में इस महामारी का चरम पर आना अभी बाकी है। जो रुझान हैैं उसके अनुसार अगस्त में यह पीक पर होगी। पंजाब के बाहर से बड़ी संख्या में लोगों के आने पर चिंता जताए हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।