मुख्य सचिव करन अवतार सिंह को कैबिनेट मंत्रियों से उलझना भारी पड़ गया। पंजाब सरकार ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए मुख्य सचिव से टैक्सेशन विभाग वापस ले लिया। यह विभाग वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल से जुड़ा है, जिन्होंने सोमवार को कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री को यह साफ कर दिया था कि अगर करन अवतार सिंह बैठक में आते हैं तो वे बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। 

उन्होंने अन्य मंत्रियों के साथ विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पर ही छोड़ दी थी। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही करन अवतार सिंह से एक्साइज संबंधी मामले भी वापस लेने जा रही है। उनके पास टैक्सेशन विभाग का अतिरिक्त कार्यभार था। 

मंगलवार को परसोनल विभाग की आईएएस ब्रांच द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि ए. वेणुगोपाल को वित्त कमिश्नर टैक्सेशन का अतिरिक्त जिम्मा भी सौंपा गया है। वे इस समय वाटर रिसोर्स, जियोलॉजी, पॉवर विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं। इसके साथ ही वे चेयरमैन-कम- मैनेजिंग डायरेक्टर पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कारपोरेशन का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। 

मुख्यमंत्री भी अपने कैबिनेट सहयोगियों को नाराज करने का जोखिम उठाने के मूड में नहीं हैं। फिलहाल कैबिनेट सचिव का सारा जिम्मा करन अवतार सिंह के बजाय सतीश चंद्रा को सौंप दिया गया