रामायण के राम भी नहीं खींच सके मतदाता : मेरठ में 15 साल में सबसे कम मतदान

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रामायण के राम अरुण गोवित के उतरने के बाद भी वोटिंग को लेकर वह उत्साह नहीं दिखा जो पिछले तीन चुनाव में दिखा था। इसके बाद भी मत प्रतिशत बढ़ाने में कोई सफलता नहीं मिल सकी। 15 साल में मेरठ में सबसे कम मतदान हुआ है। इससे मुकाबला कड़ा हो गया है। मतदान की इस गिरावट से मेरठ लोकसभा जैसी प्रतिष्ठित सीट पर पार्टियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

मेरठ में लगातार तीन बार से सांसद बन रहे राजेंद्र अग्रवाल का टिकट काटकर रामायण के राम अरुण गोविल को उतारकर भाजपा ने इस सीट को भी हॉट सीट बना दिया था। अरुण गोविल ने भीषण गर्मी में जमकर प्रचार किया। योगी-मोदी भी पहुंचे। राम के समर्थन में रामायण के लक्षमण और सीता भी मेरठ पहुंचे और रोड शो किया। भाजपा से अरुण गोविल मेरठ लोकसभा सीट पर बड़ा चेहरा हैं। वीवीआईपी सीट होने के बीच मतदान में इस कमी से कोई भी पार्टी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।

2014 से 2024 तक के तीन लोकसभा चुनावों के हिसाब से मेरठ में इस बार 15 साल में सबसे कम वोट डाले गए हैं।

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