महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के अपने धड़े को ‘‘दो तलवारें और एक ढाल’’ चुनाव चिह्न आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले का मंगलवार को स्वागत किया और कहा कि यह चिह्न छत्रपति शिवाजी महाराज और पुरानी शिवसेना से भी जुड़ा है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के अपने धड़े को ‘‘दो तलवारें और एक ढाल’’ चुनाव चिह्न आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले का मंगलवार को स्वागत किया और कहा कि यह चिह्न छत्रपति शिवाजी महाराज और पुरानी शिवसेना से भी जुड़ा है। शिंदे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि चुनाव चिह्नके लिए उनका पहला विकल्प सूर्य था। उन्होंने कहा, बालासाहेबंची शिवसेना आम लोगों की शिवसेना है। हम निर्वाचन आयोग के इस फैसले को स्वीकार करते हैं। हमने सूर्य चिन्ह को प्राथमिकता दी थी, लेकिन उसने तलवार और ढाल को मंजूरी दी।

यह पुरानी शिवसेना का चुनाव चिह्न था.. यह एक महाराष्ट्रियन प्रतीक है। यह छत्रपति शिवाजी और उनके सैनिकों का प्रतीक है। बाल ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना की थी और 1967-68 के निकाय चुनावों में मुंबई और अन्य जगहों पर उसका चुनाव चिह्न ‘‘दो तलवारें और एक ढाल’’ था। आयोग ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल चुनाव चिन्ह आवंटित किया है।

शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद को लेकर निर्वाचन आयोग ने सोमवार को एक आदेश जारी कर उद्धव ठाकरे गुट के लिए पार्टी के नाम के रूप में शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे नाम आवंटित किया। वहीं एकनाथ शिंदे के गुट को बालासाहेबंची शिवसेना नाम आवंटित किया है। शिंदे धड़े की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने कहा कि नया चुनाव चिह्न छत्रपति शिवाजी का आशीर्वाद है और यह बुरी ताकतों को पराजित करेगा।

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