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US का कोरोना पैकेज टॉप-10 इकोनॉमी में शामिल 2 देशों की GDP से बड़ा, हमारी अर्थव्यवस्था का दो तिहाई

US का कोरोना पैकेज टॉप-10 इकोनॉमी में शामिल 2 देशों की GDP से बड़ा, हमारी अर्थव्यवस्था का दो तिहाई
अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने कोरोना से तबाह हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए गुरुवार रात 1.9 लाख करोड़ डॉलर के प्लान का ऐलान किया। इंडियन करंसी के हिसाब से यह करीब 139 लाख करोड़ रुपए का पैकेज है। इसमें सोसायटी के हर जरूरी हिस्से के लिए फंड अलॉट किया गया है। हालांकि, यह फिलहाल प्रस्ताव है। इसे अमेरिकी संसद के दोनों सदनों से पास कराना होगा। बाइडेन के इस रिलीफ पैकेज से जुड़ी कुछ अहम बातों पर नजर डालते हैं। कितना बड़ा है यह पैकेज? भले ही यह प्रस्ताव हो और इसे संसद से पास कराया जाना बाकी हो लेकिन, यह काफी बड़ा पैकेज है। दुनिया की 10 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से इसकी तुलना करें तो दो देश ऐसे हैं जिनकी GDP जितनी है, उससे बड़ा अमेरिका का पैकेज है। इटली की GDP 1.8 लाख करोड़ डॉलर और कनाडा की GDP 1.6 लाख करोड़ डॉलर है। अगर भारत से तुलना करें तो अमेरिका का पैकेज हमारी इकोनॉमी के साइज के दो तिहाई के बराबर है। भारत की इकोनॉमी करीब 200 लाख करोड़ है, जबकि बाइडेन का यह राहत पैकेज ही 139 लाख करोड़ रुपए का है। दुनिया में अब तक कोरोना राहत पर कितना खर्च? इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के सितंबर 2020 तक के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के सभी देशों ने 11.7 लाख करोड़ डॉलर (857 लाख करोड़ रुपए) के कोरोना पैकेज घोषित किए थे। यह ग्लोबल GDP का 12% है। इन पैकेज में टैक्स में कटौती, सिस्टम में कैश फ्लो बढ़ाने, लोन की गारंटी और अतिरिक्त खर्च के इंतजाम शामिल हैं। अमेरिका के आंकड़ों में बाइडेन की तरफ से घोषित 1.9 लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज को नहीं जोड़ा गया है, क्योंकि अभी यह सिर्फ प्रस्ताव है। वे 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद इसे संसद के सामने रखेंगे। वहां से पारित होने के बाद ही इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। हर जरूरतमंद को 600 डॉलर पहले ही मिल चुके अमेरिकी संसद में बाइडेन के पैकेज पर बहस होगी तो ट्रम्प के दौर का भी जिक्र होगा। बाइडेन के राहत पैकेज में हर पात्र (Eligible) अमेरिकी को 1400 डॉलर देने का जिक्र है। ट्रम्प ने 600 डॉलर पहले ही दे दिए थे। यानी हर जरूरतंमद अमेरिकी को कुल मिलाकर 2000 डॉलर मिलेंगे। पैसा सीधा अकाउंट में ट्रांसफर होगा। कुछ लोगों को चेक भी दिए जा सकते हैं। हालांकि, फौरी तौर पर कुछ नहीं होगा। 20 जनवरी को बाइडेन शपथ लेंगे। इसके बाद यह प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों के पास जाएगा। वहां बहस होगी। सीनेट में रिपब्लिकन का बहुमत है। मुमकिन है रिपब्लिकन सांसद इस पर सवाल उठाएं या कुछ और रियायतों की मांग करें। ये इसलिए मुमकिन है, क्योंकि जब ट्रम्प ने रिलीफ पैकेज दिया था तब, डेमोक्रेट्स ने कई सवाल उठाए थे।
1/15/2021 8:17:45 PM kids programming
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