PUNJAB WEATHER

रेड अलर्ट- अमेरिकी और चीनी हैकर्स के निशाने पर भारत और भारतीय; सुरक्षा, डाटा और पैसा खतरे में

रेड अलर्ट- अमेरिकी और चीनी हैकर्स के निशाने पर भारत और भारतीय; सुरक्षा, डाटा और पैसा खतरे में

भारत और भारतीय, दोनों हैकर्स के निशाने पर हैं। चीन और अमेरिका समेत दुनिया भर के कई बड़े देश भारत की अभेद्य साइबर सुरक्षा चक्र को भेदने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। इससे भारत की सुरक्षा, लोगों-सरकार का डाटा और पैसा खतरे में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई कई रिपोर्ट्स, सरकारी और विभिन्न एजेंसियों से संबद्ध साइबर एक्सपर्ट्स इस बात की पुष्टि करते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय में नेशनल साइबर सिक्योरिटी कॉर्डिनेटर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) राजेश पंत ने बताया कि 40% हमले अमेरिका से हो रहे हैं। साइबर हमले 3 -4 आईपी एड्रेस से किये जाते हैं। पर अक्सर अंतिम आईपी एड्रेस अमेरिका का होता है। साइबर अपराधी ने वहां गूगल या एमेजॉन सर्वर की वर्चुअल मशीन हायर की हुई है। इसमें स्टेट और नॉन स्टेट हैकर दोनों हो सकते हैं। खास बात है कि अमेरिका में अपने नागरिकों का डाटा तो कानून के जरिए सुरक्षित है। एप्पल जैसी कंपनी भी अमेरिकी सरकार को डाटा नहीं देती है लेकिन वहां के हैकर दूसरे देशों पर निशाना बना देते हैं।

भारत की तरक्की से घबरा रहा है चीन, इसलिए कर रहा हमला- पवन दुग्गल

साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल के अनुसार चीन और अमेरिका से हमले होने की सीधी सी बात ये है कि भारत एक बहुत बड़ी ई कॉमर्स मार्केट के तौर पर उभरा है। साइबर हमलों के जरिए भारत की तरक्की को धीमा करना चाहते हैं। साइबर हमलों का उद्देश्य बहुत साफ है। उनका मकसद है कि भारत का डिजिटल इको सिस्टम ध्वस्त हो जाए। साइबर क्रिमिनल भारत के लोगों का डेटा चुरा कर बाहर ले जाकर उसका दुरुपयोग करते हैं। इस डाटा का इस्तेमाल कर वे भारत की सिक्योरिटी, प्राइवेसी और आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाते हैं।


9/27/2021 10:57:10 AM kids programming
Source:

Jalandhar Gallery

Leave a comment