गौर हो कि पंजाब में 14 फरवरी को हो रहे चुनाव का विरोध हो रहा था कारण की श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश पर्व के चलते इस दिन पंजाब से काफी संख्या में संगत बनारस कांशी जानी थी   जिसके चलते लगातार मांग उठ रही थी कि इस तारीख को बदल जाये।