पंजाब (Punjab) में जल्द ही बिजली संकट (Power Crisis) खड़ा हो सकता है. राज्य के दो निजी और दो सरकारी थर्मल प्लांट (Thermal Power Plant) में मात्र 1 से 5 दिन का ही कोयला बचा है. इसके अलावा सरकारी तापीय संयंत्रों में क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है. कोयले (Coal) की आपूर्ति नहीं होने पर कभी भी थर्मल प्लांट जाम हो सकते हैं. दूसरी ओर कोयला संकट के बीच केंद्र सरकार ने पावरकॉम को झटका दिया है. केंद्र ने पत्र जारी कर थर्मल प्लांट में 6 फीसदी विदेशी कोयले के इस्तेमाल का आदेश दिया है. इस फैसले से पावरकॉम पर 250-300 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ भी पड़ेगा. जल्द ही कोयले की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो लोगों को पावर कट का सामना करना पड़ सकता है.
राज्य के रोपड़ स्थित जीवीके पावर थर्मल की 1-1 यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई है. बीते गुरुवार को सभी थर्मल प्लांट और अन्य स्रोतों से 4858 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया था. जबकि बिजली की सर्वाधिक मांग 8 हजार 105 मेगावाट दर्ज की गई. बिजली की शेष कमी को खुले एक्सचेंज द्वारा पूरा किया गया था, बिजली मंत्रालय को डर था कि देश को फिर से कोयले की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

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