PUNJAB WEATHER

COVID-19 Lock Down पर कविता: संघर्ष 2020

kids programming
Sangarsh Poem, Vandana Chhibber

COVID-19 Lock Down पर कविता:  संघर्ष 2020

कोरोना वायरस ने प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बदल कर रख दिया है। कोरोना वायरस के कारण हमारी जीवन शैली को किस प्रकार से प्रभावित किया है। इस बात को कविता के माध्यम से वंदना  छिब्बर ने लिखा है।

वंदना छिब्बर मिसिज जालंधर 2019, सुपर मॉम 2019, मिसिज नॉर्थ इंडिया ग्लोइंग स्किन विनर 2019 और मिसिज इंडिया रनर अप 2020 रह चुकी हैं । 

कविता का शीर्षक संघर्ष - 2020 है ।

 

कैसा ये साल 2020 है आया 

2020 में सब उलट पुलट ही पाया

ना कोई काम काज ही चल पाया

आम आदमी से लेकर धनवान को परेशान ही पाया

कोरोना हुआ इतना बलवान

मुश्किल से जूझ रहा हर इंसान

डरा सहमा से रहता हर कोई

एक दुसरे से दूरी बनाकर रखता हर कोई

देश दुनिया की खबरें अब कोरोना चलती

चाय पर बैठकर घर मे चर्चा भी कोरोना पर ही चलती बीमारी 

और मंद्दी का दौर है आया 

कैसा ये साल २०२० हैं आया

स्कूल कालेज सब बंद हो गए

विद्यार्थी भी मनमर्जी वाले स्वच्छंद हो गए

अध्यापक अपना फ़र्ज़ आज भी बखूबी निभाते

ज़ूम गूगल पर नियमित क्लासें लगवाते 

नए नए प्रोजेक्ट अब फोनों पर समझे जाते

बच्चे भी घर पर रहकर खूब हुलड़ मचाते है

बर्गर पिज्जा खाए बिना भी ज़िंदगी अच्छी तो चल सकती है

हर घर की रसोई से अब सौंधी पकवानों की खुशबू मिलती है

स्वस्थ जीवन का एक आधार

साफ सुथरा भोजन जो घर पर होता तैयार 

कोरोना के नुकसान हुए बहुत 

तो एक दो फ़ायदे भी हो गए

बेकायदा ज़िंदगी जीने वाले कायदा प्रिय हो गए

संघर्षों भरा रहा है यह साल २०२०

हमेशा मन्न में रहेगी एक अलग सी टीस

सिमट गई दुनिया अपने ही घर में भाई

कैसी ये आंधी है आयी

लाकडाउन का दौर चला जब 

जाने अब क्या होगा यही सोचते रहते सब

गली मोहल्लों बाजारों में ज़िदगी अपने आप में ही एक पहेली हो गई

पल पल बदलती ज़िंदगी कुछ अपनों से दूरी और कुछ गैरों से नजदिकिया बढ़ा रही 

मुश्किल समय के इस दौर में

कई चेहरों से नकाब उतर गए

कुछ अपनों ने इक दूजे का साथ है छोड़ा और कुछ अनजाने दिल में उतर गए

कुछ फरिश्ते नेकिया करते चले गए

और कुछ रहे घूमते अपने ही गुरूर अहम के शोर में 

धीरज रख तू बंदे वक़्त बदल ही जाएगा

आज समय मुश्किल है थोड़ा तुझे और मजबूत बनाकर जाएगा

हारकर ना बैठना तू 

आज नहीं तो कल सब फिर अच्छा हो जाएगा


9/6/2020 6:07:57 PM kids programming
Sangarsh Poem, Vandana Chhibber
Source:

Leave a comment






Latest post